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Sexual Harassment Summary- यौन उत्पीड़न सारांश

Sexual Harassment Summary- यौन उत्पीड़न सारांश

Sexual Harassment Summary- यौन उत्पीड़न सारांश  

Sexual Harassment
Stop Sexual Harassment
 इस आधुनिक समय में जब हर कोई शिक्षित है,हर किसी को अपने अधिकार तथा सीमाओं का ज्ञान है।  इस दौर में भी हमें यौन उत्पीड़न के बारे में प्रतिदिन सुनने को मिलता है। यौन उत्पीड़न सारांश(Sexual Harassment Summary) को जानने तथा उस पर एक महिला के अधिकार को समझने के लिए हमें कुछ विषयो के बारे में जानकारी होना अति आवश्यक है।
  1. मौलिक अधिकार (Fundamental rights
  2. भारतीय दंड संहिता (Indian penal code)
  3. दंड प्रकिया संहिता (Code of Criminal Procedure)
  4. धारा  375  तथा  धारा 376 (section 375 & Section 376)

मौलिक अधिकार- 

भारतीय संविधान में निम्न 6 मौलिक अधिकारों का वर्णन किया है। 
  • समानता का अधिकार (अनुच्छेद 14-18)
  • स्वतंत्रता का अधिकार (अनुच्छेद19-22 )
  • शोषण के विरुद्ध अधिकार (अनुच्छेद 23-24)
  • धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार (अनुच्छेद 25-28) 
  • संस्कृति तथा शिक्षा से सम्बन्धित अधिकार (अनुच्छेद 29-30)
  • संवैधानिक उपचारो का अधिकार (अनुच्छेद 32-35)
अनुच्छेद 15  के अनुसार भारत में किसी भी धर्म, जाति, वर्ग, लिंग, जन्म के स्थान के आधार पर किसी  से भेदभाव नहीं किया जाएगा, वरन इसके तहत महिलाओ को विशेष अधिकार दिया जा सकता है। 

भारतीय दंड संहिता तथा दंड प्रक्रिया संहिता 

अनुच्छेद 375 व 376 को जानने के लिए भारतीय दंड संहिता एवं दंड प्रक्रिया संहिता को जानना जरूरी है। 
भारतीय दंड संहिता (IPC) व  दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) में बस यही अंतर है कि  IPC में अपराध की परिभाषा तथा दंड का प्रावधान बताया गया है इसके अंतर्गत 511 धाराएं तथा 23 अध्याय है, और CrPC अपराधी मामलो की प्रक्रियाओ के  बारे में बताती है। 

धारा  375 -

साधारण शब्दो में कहे तो भारतीय दंड संहिता के धारा 375 में बलात्कार की परिभाषा के बारे में बताया है, अर्थात इसमें यह बताया गया है कि कौन-कौन से कृत्य बलात्कार की श्रेणी में आएंगे और कौन-कौन सी बलात्कार की श्रेणी में नहीं आएंगे। 

धारा 376- 

इस धारा के अंतर्गत बलात्कार की सजा सुनाई गयी है, तथा इसे निम्न उपधाराओं में बांटा गया है। 

  1.  इस उपधारा के अंतर्गत उपधारा (2)  के सिवाय किसी भी दोषी को 7 वर्ष से आजीवन कठोर कारावास का प्रावधान है, तथा साथ में जुर्माना भी लगाया जा सकता है। 
  2.  इसके अंतर्गत दोषी को न्यूनतम 10 वर्ष या इसको बड़ा कर आजीवन कारावास भी किया जा सकता है, और साथ में जुर्माना भी लगाया जा सकता है। इसके अंतर्गत- पुलिस अधिकारी , सरकारी कर्मचारी, सेना तथा सशस्त्र बल के अधिकारी,  जेल प्रभंधन के अधिकारी, अस्पताल प्रबंधन के अधिकारी, अभिभावक शिक्षक तथा रिश्तेदार  है। 
  3. इस उपधारा के अंतर्गत किसी भी लड़की का बलात्कार जिसकी उम्र 16 वर्ष से नीचे हो, करने वाले को न्यूनतम 20 वर्ष से आजीवन कठोर कारावास का प्रावधान है, तथा इसमें दोषी द्वारा भरा गया जुर्माना लड़की या उसके परिवार वालो को दिया जाता है। 

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