धार्मिक आन्दोलन (Religious Movement)

धार्मिक आन्दोलन (Religious Movement)

धार्मिक आन्दोलन

सूफी धर्म-

  • सूफी संत शांति, अहिंसा, धार्मिक सहिष्णुता एवं मानव के प्रति प्रेम की भावना पर विशेष बल देते थे। 
  • सूफी धर्म के धार्मिक गुरु 'पीर एवं शिष्य 'मुरीद' कहलाते थे।
  • प्रत्येक पीर अपना एक अनुचर नामांकित करता था जिसे 'वली कहा जाता। 
  • सूफी धर्म 12 सिलसिलों अर्थात् वर्गों में विभक्त हो गया था, जिनमें से निम्न प्रमुख थे- 
1. चिश्ती 
इसके संस्थापक ख्वाजा मुइनुद्दीन चिश्ती (अजमेर) थे। अन्य प्रसिद्ध संत निजामुद्दीन औलिया, बरनी, अमीर खुसरो आदि थे। यह दिल्ली तथा दोआब क्षेत्र में प्रसिद्ध था। 

2. सुहारवादी
इसके संस्थापक शिहाबुद्दीन सुधारवादी तथा    हमीदउद्दीन नागैरी थे। यह पंजाब एवं सिन्ध में प्रसिद्ध था। इस सिलसिले के सन्त बड़े जागीरदार थे और उनके राज्य के साथ सम्बन्ध थे। 

3. फिरदौसी सिलसिला
यह फिरदौसी ने आरम्भ किया था और बिहार में प्रसिद्ध था।

भक्ति आन्दोलन 

  • इसकी शुरूआत सातवीं से बारहवीं शताब्दी के बीच दक्षिण भारत में हुई।
  •  भक्ति आन्दोलन के सन्तों ने जातिवाद की निन्दा की,औरतों के सशक्तीकरण को बल दिया था आम बोलचाल की भाषा में लोगों तक अपने सन्देश पहुंचाए ।

भक्ति आंदोलन के मुख्य संचालक 

1. आचार्य रामानुज- भक्ति आन्दोलन के प्रवर्तक रामानुज का आविर्भाव बारहवीं शताब्दी से तमिलनाडु में हुआ।

2. मध्वाचार्य- मध्वाचार्य विष्णु के उपासक थे, उनका मत था कि ज्ञान से भक्ति प्राप्त होती है और भक्ति से मोक्ष प्राप्त होता है।

3. रामानंद- इलाहाबाद में कान्यकुब्ज ब्राह्मण परिवार में जन्मे रामानंद उत्तरी भारत में भक्ति आन्दोलन के प्रमुख संचालक थे।

4. कबीर- काशी में एक जुलाहे परिवार में जन्मे कबीर भक्ति आन्दोलन के मुख्य संचालकों में से एक थे। वे रामानंद के शिष्य तथा निर्गुण ब्रह्म के उपासक थे। सामाजिक कुरीतियों, अंधविश्वास, साम्प्रदायिकता तथा छुआछूत के घोर विरोधी थे।

5. मीराबाई- वे मेड़ता के राठौर रत्नसिंह की पुत्री तथा राणा सांगा के ज्येष्ठ पुत्र प्रिंंस भोजराज की पत्नी थी। वे कृष्ण की उपासिका थी। उन्होंने घूम-घूम कर सर्वत्र कृष्ण भक्ति का प्रचार-प्रसार किया।

6. चैतन्य- बंगाल में जन्मे चैतन्य कृष्ण के उपासक थे उन्होंने कर्मकांड, आडम्बर का विरोध किया था प्रेम एवं भक्ति पर विशेष बल जाति-पाति तथा ऊँच-नीच का विरोध किया। चैतन्य अनुयायी उन्हें विष्णु का अवतार मानते थे।

7. रैदास- कबीर दास जी के समकालीन रैदास निर्गुण धारा के समर्थक संत वे उनका पुनर्जन्म में विश्वास था उनका मत था कि मोक्ष प्राप्ति का सर्वश्रेष्ठ मार्ग भक्ति है।

8. नामदेव- महाराष्ट्र में धार्मिक आन्दोलन के प्रमुख नामदेव जाति-प्रथा बाह्य आडम्बर वं अंधविश्वास के कट्टर विरोधी थे।

9. एकनाथ- एकनाथ की गणना महाराष्ट्र के महान विद्वान् तथा समाज सुधारक के रूप में की जाती है।

आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित पीठ 

ज्योतिष पीठ- बद्रीनाथ (उत्तरांचल) 
गोवर्धन पीठ-  पुरी (उड़ीसा)
शारदा पीठ - द्वारका (गुजरात) 
श्रृंगेरी पिठ - मैसूर (कर्नाटक)
E-gyankosh

0 Response to "धार्मिक आन्दोलन (Religious Movement)"

टिप्पणी पोस्ट करें

if you have any doubt or suggestions please let me know.

Advertise in articles 1

advertising articles 2