महावीर चक्र (Mahavir Chakra-(MVC))

महावीर चक्र (Mahavir Chakra-(MVC))

महावीर चक्र


दुश्मन की उपस्थिति में थल, जल या वायु में वीरता के कार्य को मान्यता देने के लिए 26 जनवरी 1950 को महावीर चक्र (MVC) की स्थपना की गई  थी।   महावीर चक्र जैसा कि नाम  में ही महावीर(वीरों का वीर) है, उसी प्रकार यह वीरों को दिया जाने वाला वीरता का पदक है। यह सम्मान सैनिकों  को उनके अद्यम्य साहस, बलिदान, असाधारण वीरता  के लिए दिया जाता है। यह पदक मरणोपरांत भी दिया  जाता है।  महावीर चक्र वरीयता के क्रम वीरता का दूसरा सबसे बड़ा पदक है।भारत में वरीयता के क्रमानुसार  तीन वीरता पुरस्कार हैं- परमवीर चक्र, महावीर चक्र और वीर चक्र।
 
भारत में 1947 से  पहले भी अंग्रेज़ों द्वारा बहुत सारे पुरस्कार  दिए जाते थे परन्तु वे पुरस्कार उन व्यक्तियों को दिए  जाते थे जो भारत देश विरोधी कार्य करते थे या अंग्रेज़ों की सहायता करते थे। परन्तु स्वतंत्रता के पश्चात  पुरस्कारों को हटा दिया गया तथा 26 जनवरी 1950 को तीन वीरता पुरस्कारों  स्थापना की थी।जो कि वरीयता के क्रमानुसार निम्न लिखित हैं -
  1. परमवीर चक्र
  2. महावीर चक्र 
  3. वीर चक्र
महावीर चक्र
महावीर चक्र 

महावीर चक्र का  रिबन या फीता
 महावीर चक्र का  रिबन या फीता 

पदक की बनावट 

महावीर चक्र गोलाकार चाँदी से निर्मित होता है एवं इसके अग्रभाग पर पांच कोनों वाला उभरा हुआ तारा उकेरा गया है जिसके कोने गोलाकार किनारों को छूते हैं। इस पदक का व्यास 1.38 इंच का है इसके केंद्र भाग में राज्य का प्रतीक अपने ध्येय के साथ उकेरा गया है जो कि उभरा हुआ है। तारा पॉलिश किया हुआ है और केन्द्र भाग स्वर्ण रंजित है। इसके पीछे के भाग पर में दो कमल के फूलों के साथ हिन्दी और अंग्रेजी दोनों में महावीर चक्र उकेरा गया है । इसके साथ संलग्न फीता आधा सफेद रंग और आधा नारंगी रंग का है।

निम्न लिखित श्रेणी के लोग महावीर चक्र के लिए पात्र होंगे-

  • सेना, नौसेना और वायु सेना के सभी रैंकों के अधिकारी, पुरुष और महिलाएं, प्रादेशिक सेना, रिजर्व बल और किसी अन्य विधिवत सशस्त्र बलों के गठन के लोगों को भी दिया जा सकता है।
  • डॉक्टर , सिस्टर्स, नर्सों और नर्सिंग सेवाओं के कर्मचारियों और अस्पतालों में अन्य सेवाओं से संबंधित लोगों, किसी भी व्यक्ति के नागरिकों या नियमित या अस्थायी रूप से कार्यरत उपर्युक्त सुरक्षा बलों में से, किसी से भी संबंधित व्यक्ति को इस अवार्ड के लिए युद्ध क्षेत्र में बहादुरी दिखाने के लिए चुना जाता है।

पदक के साथ मिलने वाली धनराशि-

इस पुरस्कार को प्राप्त करने  वाले जाबांजों को या उनके परिवार के सदस्यों को प्रति माह 10,000 की धनराशि प्रदान की जाती है। यह धनराशि 1 अगस्त 2018 से पहले केवल 6000 प्रति माह थी। वीरता पुरस्कार विजेताओं को राज्य सरकारों की तरफ से भी एकमुश्त धनराशि दी  जाती है।  परन्तु यह राज्य दर राज्य भिन्न-भिन्न होती हैं। 

यह पुरस्कार वर्ष में 2 बार घोषित किया जाता है - प्रथम स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर, तथा दूसरा गणतंत्र दिवस के अवसर पर।  
इस पदक को सबसे अधिक लोगो को 1971 के भारत-पाकिस्तान में दिया गया था जिसमें 11 पदक  भारतीय वायुसेना को दिए  गए थे। प्रथम बार महावीर चक्र वर्ष 1947  में  दिया गया तथा अंतिम बार 2001 में।  वर्ष 2019 तक 218 जाबांजों को इस पदक से सम्मानित किया जा चुका है।  

1999 में कारगिल युद्ध में महावीर चक्र प्राप्त करने वाले जाबांजों की सूची 

  1. कैप्टेन, अनुज नय्यर 
  2. मेजर, बलवान सिंह 
  3. लैफ्टीनैंट कर्नल, सोनम वांगचुक 
  4. मेजर, राजेश  सिंह अधिकारी 
  5. कैप्टेन, कैशिंग क्लीफोर्ड नोंग्रुम 
  6. मेजर पदमपानी आचार्य 
  7. मेजर, विवेक गुप्ता 
  8. कैप्टेन, नैकेजहाकुओ केनगुरुसे 
  9. कैप्टेन, गुरजिंदर सिंह सूरी
  10. सिपाही, इम्लियकुम ऐ.ओ 

क्या महावीर चक्र 1 बार से अधिक किसी को दिया गया है?

अब तक 218 जवानों को महावीर चक्र से सम्मानित किया जा चुका है लेकिन कई वीर जवान ऐसे भी जिन्हें 1 से अधिक बार इस वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। जिनमें विंग कमांडर जग मोहन जिन्हें पहली बार 1962 तथा दूसरी बार 1965 में, मेजर जनरल राजिंदर सिंह जिन्हें पहली बार 1948 तथा दूसरी बार 1965 में, जनरल अरुण शिरधर जिन्हें पहली बार 1965 तथा दूसरी बार 1971 में, विंग कमांडर पद्मनाभ गौतम जिन्हें पहली बार 1965 तथा दूसरी बार 1971, कर्नल चेवांग रिचेन जिन्हें पहली बार 1948 तथा दूसरी बार 1971 में, ब्रिगेडियर संत सिंह जिन्हें पहली बार 1965 तथा दूसरी बार 1972 में इस सम्मान से सम्मानित किया गया।

0 Response to "महावीर चक्र (Mahavir Chakra-(MVC))"

टिप्पणी पोस्ट करें

if you have any doubt or suggestions please let me know.

Advertise in articles 1

advertising articles 2