परम वीर चक्र(PVC)

परम वीर चक्र(PVC)

परम वीर चक्र (वीरता पुरुस्कार)-

भारत के 15 अगस्त 1947 में आजाद होने के पश्चात भारतीय सेना ने अभूतपूर्व योगदान भारत की सीमाओं की सुरक्षा में दिया है और इस बात को कभी नकारा भी नहीं जा सकता, पाकिस्तान द्वारा जम्मु-कश्मीर में आक्रमण करना और भारतीय सेना के द्वारा उनको खदेड़ा जाना भला कौन भूल सकता है। आजादी से अब तक अनेकों युद्ध लड़े गए, भारतीय जवान ना कभी पीछे हटे और ना ही कभी दुश्मन सेना को भारतीय सीमाओं अंदर आने का मौका दिया, भले ही दुश्मन सेना आधुनिक हथियारों से लैस क्यों ना हो।  अनेक वीर गाथाएं इतिहास के पन्नों में दर्ज कर दी गई हैं और ना जाने कितनी और ऐसी कहानियां लिखनी बाकी है। और इसी अद्भुत वीरता के लिए इन योद्धाओं को सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया जाता है जिसमें सबसे ऊपर आता है परम वीर चक्र।

सैन्य पुरुस्कार-  

आजादी के पश्चात भारत अपने संविधान को लिखने में व्यस्त हो गया और साथ ही उसे पाकिस्तान से लड़ाइयां भी लड़नी पड़ी 1949 में संविधान के लिखे जाने के पश्चात 26 जनवरी 1950 को सेना के जवानों को सम्मानित करने के लिए तीन वीरता पुरस्कारों को परिचित कराया गया जिनमें थे-

  1. परमवीर चक्र
  2. महावीर चक्र
  3. वीर चक्र

परम वीर चक्र-

परमवीर चक्र सर्वोच्च सैन्य सम्मान है जिसे शत्रु के सामने अद्वितीय साहस तथा परम शूरता के लिए दिया जाता है। अब तक 21 वीर जवानों को इस सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है, अंतिम बार यह सम्मान सन् 1999 में कैप्टन विक्रम बत्रा को दिया गया था। परम वीर चक्र कांसे का एक गोलाकार मेडल होता है जिसका व्यास 3/8 होता है तथा सामने वाले भाग में इन्द्र के वज्र की चार अनुकृतियों को उकेरा गया है तथा मध्य भाग में एक अशोक स्तंभ तथा उसके नीचे सत्यमेव जयते अंकित किया गया है। पिछले भाग में हिंदी और अंग्रेजी के शब्दों में परमवीर चक्र लिखा गया है और इन्हें कमल की पंखुड़ियों से अलग किया गया है। इस सम्मान को सवा इंच बैगनी रंग की पट्टी पर लटकाया जाता है। इस सम्मान को ना सिर्फ जीवित व्यक्तियों को दिया जाता है वरन वीरता के अदम्य साहस का परिचय देने वाले जवानों को मरणोपरांत भी इस सम्मान से सम्मानित किया जाता है जिसको राष्ट्रपति द्वारा उसके माता/पिता/पत्नी/भाई/बहन को उनकी वीरता के लिए उनके नाम पर भेंट किया जाता है। 
परमवीर चक्र
परमवीर चक्र 

रिबैंड-

वीर सदैव ही एक वीर होता है सम्मानित करने पर उसका योगदान बड़ सकता है परन्तु कभी घट नहीं सकता, और ऐसे वीर जिन्हें यह सम्मान दुबारा प्राप्त करने का मौका मिलता है उनके पिछले चक्र के साथ नया चक्र देने के लिए एक अलग विधि अपनाई जाती है जिसमें पुराने को निरस्त कर रिबैऺड दिया जाता हैं और हर नई बार इससे सम्मानित करने के लिए रिबैऺड में बार लगाया जाता है।

परम वीर चक्र को प्राप्त करने वाले वीर जवान-

यह युद्ध के समय दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है अगर इसकी तुलना की जाए तो यह अमेरिका के "सम्मान पदक" तथा युनाइटेड किंगडम के "विक्टोरिया क्रॉस" के बराबर आंका जा सकता है।
परम वीर चक्र को प्राप्त करने वाले वीर जवान-
  • मेजर सोमनाथ  शर्मा 
  • सेकंड लेफ्टिनेट रमा राघोबा राने
  • नायक जादू नाथ सिंह
  • कंपनी हवलदार मेजर पिरू सिंह सेखावत
  • लांस नायक कारण सिंह
  • कैप्टन गुरबचन सिंह सलारिया
  • मेजर धन सिंह थापा
  • सूबेदार जोगिंदर सिंह
  • मेजर शैतान सिंह
  • कंपनी क्वार्टर मास्टर हवलदार अब्दुल हमीद
  • लेफ्टिनेंट कर्नल आर्देशिर तरापोर
  • लांस नायक अल्बर्ट एक्का
  • फ्लाइंग ऑफिसर निर्मल जीत सिंह सेखों
  • सेकंड लेफ्टिनेट अरुण खेतरपाल
  • मेजर होशियार सिंह
  • नायब सूबेदार बाना सिंह
  • मेजर रामास्वामी परमेश्वरम
  • कैप्टन मनोज कुमार पांडेय
  • ग्रेनेडियर योगेन्द् सिंह यादव
  • राइफलमैन संजय कुमार
  • कैप्टन विक्रम बत्रा
परम वीर चक्र प्राप्त करने वाले वीर जवान
परम वीर चक्र प्राप्त करने वाले वीर जवान

इस प्रकार 21 वीर जवानों को इस सम्मान से सम्मानित किया गया है। तथा भारतीय वायुसेना में मात्र एक फ्लाइंग ऑफिसर निर्मल जीत सिंह सेखों को इस सम्मान से सम्मानित किया गया है तथा बाकी वीर जवान भारतीय थल सेना से है।

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